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मौरा बालू घाट का संयुक्त निरीक्षण, आदेशों की अनदेखी पर भड़के किसान

मौरा बालू घाट का संयुक्त निरीक्षण, आदेशों की अनदेखी पर भड़के किसान



ग्रामीण किसान-मजदूरों ने उग्र आंदोलन की दी चेतावनी 
ग्रामीण किसान-मजदूरों के नेतृत्व में सोमवार को मौरा बालू घाट का संयुक्त निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में मौरा पंचायत के पूर्व समिति सदस्य एवं वर्तमान सरपंच अवधेश सिंह सहित जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण किसान शामिल हुए। इस दौरान बालू खनन को लेकर गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ और प्रशासनिक आदेशों की खुलेआम अनदेखी का आरोप लगाया गया। निरीक्षण के क्रम में सरपंच अवधेश सिंह ने कहा कि अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा दिए गए आश्वासन के बावजूद बालू माफिया आदेशों का पालन नहीं कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संयुक्त निरीक्षण की सूचना मिलते ही बालू माफिया ने आनन-फानन में नदी के ब्लॉक संख्या-09 में प्रवाह क्षेत्र के भीतर बनी सड़क को केवल खाना-पूर्ति के तौर पर तोड़ने का प्रयास किया। जबकि वास्तविकता यह है कि बालू उठाव के समय नियमों और मानकों की खुलेआम अनदेखी की जाती है। किसानों ने आरोप लगाया कि अवैध बालू उठाव के दौरान पर्यावरणीय मानकों का कोई पालन नहीं किया जाता, लेकिन निरीक्षण के समय दिखावटी कार्रवाई कर प्रशासन और ग्रामीणों को गुमराह किया जाता है। इससे साफ है कि बालू माफिया योजनाबद्ध तरीके से आंखों में धूल झोंकने का काम कर रहे हैं। इस मौके पर किसानों और मजदूरों की आवाज बुलंद करने वाले शैलेन्द्र कुमार सिंह उर्फ शैलेश सिंह ने कहा कि अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा दिए गए आश्वासन को अविलंब धरातल पर उतारा जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण किसान-मजदूर उग्र आंदोलन शुरू करने को मजबूर होंगे। वहीं समाजसेवी गौरव सिंह राठौड़ ने कहा कि नदी हमारी अस्मिता है और इसके साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने जमुई जिले में अवैध बालू खनन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की और चेताया कि यदि खनन बंद नहीं हुआ तो किसानों के साथ मिलकर नदी बचाओ आंदोलन को और तेज किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान ग्रामीण किसानों में भारी आक्रोश देखा गया। मौके पर अनिल रावत, रामचंद्र यादव, रिकेश दुबे, रामस्वरूप रावत, विजय रावत, राजीव नयन झा, निरंजन रावत, शोभी मंझी, रहमान अंसारी, रामधारी मंझी, पंकज कुमार सिंह, सन्नी पटेल, विधाता रावत, सोनू कुमार, रामप्रवेश रावत, सचिदानंद रावत, टुनटुन सिंह, अजय सिंह, निरंजन झा, रमेश पासवान सहित सैकड़ों ग्रामीण किसान मौजूद थे। ग्रामीणों ने एक स्वर में मांग की कि मौरा बालू घाट पर हो रहे अवैध खनन की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि नदी, पर्यावरण और किसानों के भविष्य की रक्षा हो सके।

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