तीन माह से मानदेय नहीं मिलने पर शिक्षा सेवकों में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी
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बिहार संविदा कर्मी शिक्षा सेवक/शिक्षा सेवक (तालिमी मरकज) मूल संघ, जमुई के जिला अध्यक्ष सह प्रदेश सचिव प्रकाश बौद्ध ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि राज्य के शिक्षा सेवकों और तालिमी मरकज कर्मियों को पिछले तीन माह से मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है, जिससे उनके समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार के विभिन्न जिलों में कार्यरत शिक्षा सेवकों एवं तालिमी मरकज कर्मियों को नियमित रूप से विभागीय एवं गैर-विभागीय कार्यों में लगाया जा रहा है, जबकि समय पर मानदेय का भुगतान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में ग्रीष्मावकाश घोषित होने के बावजूद शिक्षा सेवकों को समर कैंप संचालन की जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन इसके लिए किसी अतिरिक्त मानदेय की व्यवस्था नहीं की गई है। प्रकाश बौद्ध ने बताया कि शिक्षा सेवकों को ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर दैनिक उपस्थिति दर्ज करने, शिक्षकों की तरह आगमन-प्रस्थान की हाजिरी लगाने तथा आगामी जनगणना 2027 के प्रारंभिक कार्यों में भी लगाया गया है। इसके बावजूद अप्रैल और मई 2026 का मानदेय भुगतान लंबित है। संघ ने कहा कि बढ़ती महंगाई के बीच लगभग 22 हजार रुपये मासिक मानदेय पर निर्भर कर्मियों के सामने आर्थिक तंगी की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र मानदेय भुगतान नहीं किया गया तो सड़क से लेकर बिहार विधानसभा तक चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। इस संबंध में आगामी 16 जून 2026 को पटना में आयोजित प्रदेश स्तरीय बैठक में आगे की रणनीति तय की जाएगी। संघ ने अपनी पुरानी मांग दोहराते हुए कहा कि शिक्षा मित्रों की तर्ज पर शिक्षा सेवकों एवं तालिमी मरकज कर्मियों का संबंधित विद्यालयों में समायोजन कर उन्हें प्राथमिक शिक्षक का दर्जा दिया जाए।

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