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शिकायत के बाद भी नहीं सुधरीं सोलर लाइटें, 22 पंचायतों में ग्रामीण परेशान

शिकायत के बाद भी नहीं सुधरीं सोलर लाइटें, 22 पंचायतों में ग्रामीण परेशान



 मुखिया संघ ने डीपीआरओ को सौंपा आवेदन, 13 पंचायतों में 148 लाइटें खराब होने का दावा 

खैरा प्रखंड की 22 पंचायतों में सरकारी योजना के तहत लगाई गई सोलर स्ट्रीट लाइटों के खराब रहने से ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की परेशानी बढ़ गई है। मुखिया संघ का कहना है कि कई सोलर लाइटें लंबे समय से बंद पड़ी हैं। संबंधित एजेंसी और प्रखंड स्तर के अधिकारियों से शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक सभी खराब लाइटों की मरम्मत नहीं कराई गई है। सोमवार को खैरा प्रखंड मुखिया संघ के अध्यक्ष सह मांगोबंदर पंचायत के मुखिया रमेश पासवान के नेतृत्व में जनप्रतिनिधियों का प्रतिनिधिमंडल समाहरणालय पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने जिला पंचायत राज पदाधिकारी वीरेंद्र कुमार को आवेदन सौंपकर खराब सोलर लाइटों की जल्द मरम्मत कराने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में मुखिया प्रतिनिधि पुरुषोत्तम सिंह, विनोद यादव, योगेंद्र राम, पप्पू मोदी, दिवाकर कुमार दास समेत अन्य जनप्रतिनिधि शामिल थे।


13 पंचायतों में 148 सोलर लाइट खराब 
जनप्रतिनिधियों की ओर से सौंपे गए आवेदन के अनुसार, 13 पंचायतों में कुल 148 सोलर स्ट्रीट लाइटों के खराब होने की शिकायत की गई है। पंचायतवार आंकड़ों के अनुसार राज दाबिल पंचायत में 10, खड़ाईच में 8, मांगोबंदर में 9, गरही में 8, नीमनवादा में 15, झुण्डो में 17, रायपुरा में 20, हरनी में 8, कागेश्वर में 12, गोपालपुर में 9, जीत भिगोई में 8, चुआं में 11 और खैरा पंचायत में 13 सोलर लाइटें खराब बताई गई हैं। मुखिया संघ का दावा है कि इन 13 पंचायतों के अलावा प्रखंड की अन्य पंचायतों में भी कई सोलर लाइटें खराब पड़ी हैं।

ग्रामीणों के सवालों का जवाब देना मुश्किल दाबिल पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि योगेंद्र राम ने कहा कि कंपनी की ओर से समय पर मरम्मत नहीं कराए जाने के कारण जनप्रतिनिधियों को ग्रामीणों के सवालों का जवाब देना मुश्किल हो रहा है। ग्रामीण लगातार पूछ रहे हैं कि सरकारी योजना के तहत लगाई गई सोलर लाइटें आखिर कब तक ठीक होंगी। नीमनवादा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि विनोद यादव ने कहा कि गांवों में रात के समय रोशनी और सुरक्षित आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सोलर लाइटें लगाई गई थीं। लंबे समय तक इनके खराब रहने से योजना का उद्देश्य प्रभावित हो रहा है।

एजेंसी की जवाबदेही तय करने की मांग । मुखिया संघ ने डीपीआरओ से मामले में हस्तक्षेप कर सभी खराब सोलर लाइटों की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। साथ ही संबंधित एजेंसी की जवाबदेही तय करने और लापरवाही की जांच कराने की भी मांग की गई है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि सरकारी राशि खर्च होने के बाद भी यदि ग्रामीणों को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है तो संबंधित एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच होनी चाहिए।


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