जमुई में पेपरलेस निबंधन को लेकर जन-जागरूकता कार्यक्रम, डीएम बोले- पारदर्शी और युवा-अनुकूल व्यवस्था की ओर बढ़ रहा जिला
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जिला निबंधन कार्यालय, जमुई के तत्वावधान में शनिवार को स्थानीय रावणेश्वर हॉल में पेपरलेस निबंधन जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पदाधिकारी ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान पेपरलेस निबंधन की प्रक्रिया, इसके तकनीकी पहलुओं और आम नागरिकों के लिए इसके लाभों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला पदाधिकारी ने कहा कि भारत युवाओं का देश है और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को भी बदलते डिजिटल दौर और युवा पीढ़ी की जरूरतों के अनुरूप बनाया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पेपरलेस निबंधन व्यवस्था आने वाले समय में पारदर्शी, सुलभ और युवा-अनुकूल प्रशासनिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बनेगी। जिला पदाधिकारी ने पेपरलेस निबंधन की उपयोगिता को समझाने के लिए पासपोर्ट और शिक्षा व्यवस्था में हुए डिजिटल बदलावों का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह पहले पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया काफी जटिल मानी जाती थी,
आज डिजिटल तकनीक के कारण यह प्रक्रिया काफी आसान हो गई है। इसी तरह पढ़ाई में भी किताब-कॉपी के साथ लैपटॉप और कंप्यूटर का इस्तेमाल बढ़ा है। भूमि क्रय-विक्रय की प्रक्रिया की चर्चा करते हुए जिला पदाधिकारी ने कहा कि जमीन के लेनदेन में जमाबंदी संख्या, खाता, खेसरा, रकबा और चौहद्दी जैसी मूलभूत जानकारियां महत्वपूर्ण होती हैं। पेपरलेस निबंधन व्यवस्था में अनावश्यक कागजी प्रक्रिया को कम करते हुए आवश्यक जानकारियों पर विशेष ध्यान दिया जाता है। उन्होंने आम लोगों से पारंपरिक कागजी प्रक्रिया की बजाय नई तकनीक आधारित पेपरलेस निबंधन व्यवस्था को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सहज, पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त बनाना है। कार्यक्रम में स्वागत भाषण देते हुए जिला अवर निबंधक विनीत कुमार ने पेपरलेस निबंधन के तकनीकी एवं व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नागरिक स्वयं अथवा सेवा प्रदाता के माध्यम से ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं और अपनी सुविधानुसार निर्धारित समय एवं तिथि पर निबंधन कार्यालय पहुंचकर प्रक्रिया पूरी करा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि निबंधन के बाद दस्तावेज की रंगीन डिजिटल प्रति कार्यालय द्वारा पक्षकार को उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने पेपरलेस निबंधन व्यवस्था को सुरक्षित बताते हुए कहा कि इससे फर्जी रजिस्ट्री की संभावना को कम करने में मदद मिलेगी और निबंधित दस्तावेजों की ऑनलाइन जांच भी की जा सकती है। कार्यक्रम के समापन सत्र में अवर निबंधक, चकाई नवलेश कुमार रजक ने उपस्थित अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया। उन्होंने जमुई की आम जनता और सेवा प्रदाताओं से पेपरलेस निबंधन व्यवस्था में सक्रिय भागीदारी करने तथा इसका अधिकतम लाभ उठाने की अपील की। कार्यक्रम में अपर समाहर्ता (विभागीय जांच) बाल मुकुंद प्रसाद, जिला परिवहन पदाधिकारी डॉ. सुनील कुमार, जिला जन संपर्क पदाधिकारी विरेन्द्र कुमार, कोषागार पदाधिकारी सुधीर गिरी, उत्पाद अधीक्षक सुभाष कुमार, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी विकेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, मीडिया कर्मी, प्रबुद्ध नागरिक और सेवा प्रदाता मौजूद रहे।



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