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घनवेरिया में 'सखी वार्ता सह नारी अदालत' का आयोजन, महिलाओं को कानून और अधिकारों की दी गई जानकारी

घनवेरिया में 'सखी वार्ता सह नारी अदालत' का आयोजन, महिलाओं को कानून और अधिकारों की दी गई जानकारी



जमुई। महिलाओं और किशोरियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने तथा न्याय तक उनकी आसान पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को खैरा प्रखंड की घनवेरिया पंचायत में 'सखी वार्ता सह नारी अदालत' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम केंद्र सरकार की मिशन शक्ति योजना के तहत आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीण महिलाओं को नारी अदालत की अवधारणा और उसकी कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि नारी अदालत महिलाओं के पारिवारिक एवं सामाजिक विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान और उनके अधिकारों की रक्षा का एक प्रभावी माध्यम है। सखी वार्ता के दौरान महिलाओं और किशोरियों को लैंगिक समानता, घरेलू हिंसा से सुरक्षा, बाल विवाह एवं दहेज प्रथा उन्मूलन, महिला उत्पीड़न की रोकथाम तथा साइबर अपराध से बचाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया गया। इसके साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आत्मनिर्भरता और वित्तीय साक्षरता के महत्व पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। महिलाओं को संकट के समय सहायता के लिए उपलब्ध हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी भी दी गई।



इनमें महिला हेल्पलाइन (181), आपातकालीन सेवा (112), चाइल्ड हेल्पलाइन (1098), साइबर अपराध हेल्पलाइन (1930) तथा एम्बुलेंस सेवा (108) शामिल हैं। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास निगम की जिला परियोजना प्रबंधक डॉ. जुलेखा हसमत, जिला मिशन समन्वयक मुकेश कुमार, वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ विकास कुमार तथा वन स्टॉप सेंटर की काउंसलर शालू सिन्हा ने महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं, कानूनी अधिकारों और सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। इस अवसर पर पंचायत प्रतिनिधि, आंगनबाड़ी सेविकाएं, आशा कार्यकर्ता, जीविका स्वयं सहायता समूह की दीदियां तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के समापन पर सभी महिलाओं ने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ मिलकर कार्य करने, महिला सुरक्षा और समानता को बढ़ावा देने तथा जागरूक समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

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