पेपरलेस व्यवस्था के शुरुआती दौर में धीमी हुई रजिस्ट्री की रफ्तार, कामकाज लगातार जारी
Thursday
Comment
जमुई। जिले में नई पेपरलेस निबंधन व्यवस्था लागू होने के बाद रजिस्ट्री की रफ्तार फिलहाल पहले की तुलना में कुछ धीमी दिखाई दे रही है। हालांकि व्यवस्था लागू हुए अभी करीब आधा महीना ही हुआ है, इसलिए विभागीय स्तर पर नई डिजिटल प्रक्रिया को समझने और उसके अनुरूप काम करने का दौर जारी है। निबंधन कार्यालय में कामकाज पूरी तरह बंद नहीं है और निर्धारित कार्यालय अवधि में लगातार निबंधन समेत अन्य कार्य किए जा रहे हैं। निबंधन विभाग के अगस्त माह के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अब तक जिले में 534 दस्तावेजों का निबंधन किया गया है। अगस्त के लिए विभाग ने 6 करोड़ 86 लाख 8 हजार रुपये का राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके विरुद्ध अब तक 3 करोड़ 86 लाख 96 हजार 990 रुपये की राजस्व प्राप्ति हो चुकी है। यह निर्धारित मासिक लक्ष्य का करीब 56 प्रतिशत है। अगस्त का अभी आधा महीना ही बीता है, ऐसे में शेष दिनों में निबंधन की संख्या और राजस्व प्राप्ति दोनों बढ़ने की संभावना है। जुलाई में लक्ष्य से अधिक हुई थी राजस्व प्राप्ति। विभागीय प्रतिवेदन के अनुसार जुलाई 2026 में जिले के लिए 10 करोड़ 36 लाख रुपये का राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके विरुद्ध 11 करोड़ 20 लाख 52 हजार 226 रुपये की प्राप्ति हुई। यानी जुलाई में लक्ष्य के मुकाबले 108.16 प्रतिशत राजस्व प्राप्त हुआ। वहीं जुलाई 2025 में 8 करोड़ 9 लाख रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 6 करोड़ 34 लाख 59 हजार 421 रुपये की राजस्व प्राप्ति हुई थी। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार जुलाई 2026 में पिछले वर्ष की तुलना में राजस्व प्राप्ति में वृद्धि हुई और इसका एक प्रमुख कारण दस्तावेजों के उपर्यापन में वृद्धि बताया गया है।
कार्यालय खुला, डिजिटल निबंधन का काम जारी पेपरलेस व्यवस्था लागू होने के बाद निबंधन कार्यालय में भीड़ पहले की तुलना में कम दिखाई दे रही है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि रजिस्ट्री का काम बंद हो गया है। कार्यालय में डिजिटल निबंधन, एनईसी (नॉन-एनकम्ब्रेंस सर्टिफिकेट) निर्गमन और दस्तावेजों की नकल उपलब्ध कराने का काम लगातार जारी है। नई व्यवस्था के तहत दस्तावेज तैयार करने से लेकर निबंधन और डिजिटल दस्तावेज उपलब्ध कराने की प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से की जा रही है। लोग विभागीय पोर्टल के माध्यम से स्वयं भी दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं। आधार आधारित ओटीपी और ऑनलाइन भुगतान के बाद निर्धारित तिथि एवं समय पर निबंधन कार्यालय पहुंचकर प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। निबंधन के बाद डिजिटल दस्तावेज पीडीएफ के रूप में ई-मेल या व्हाट्सऐप के माध्यम से उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। आवश्यकता पड़ने पर पंजीकृत दस्तावेज का प्रिंट भी प्राप्त किया जा सकता है। 56 सर्विस प्रोवाइडरों को मिला लाइसेंस नई व्यवस्था के तहत दस्तावेज तैयार करने में लोगों की सहायता के लिए दस्तावेज नवीसों को सर्विस प्रोवाइडर के रूप में लाइसेंस भी दिया गया है। जिले में कुल 56 सर्विस प्रोवाइडरों को लाइसेंस निर्गत किया गया है। ये सर्विस प्रोवाइडर कार्यालय अवधि में लोगों को डिजिटल प्रक्रिया के तहत दस्तावेज तैयार कराने में सहयोग कर सकते हैं। शुरुआत में समय लग रहा, आगे बढ़ेगी रफ्तार नई तकनीकी व्यवस्था होने के कारण शुरुआती दौर में कर्मियों, सर्विस प्रोवाइडरों और आम लोगों को नई प्रक्रिया के अनुरूप ढलने में समय लग रहा है। दस्तावेज तैयार करने, ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने और अन्य औपचारिकताओं के कारण फिलहाल एक दस्तावेज के निबंधन में पहले की तुलना में अधिक समय लग रहा है। इसका असर रजिस्ट्री की संख्या पर दिखाई दे रहा है। हालांकि विभागीय स्तर पर उम्मीद जताई जा रही है कि जैसे-जैसे लोगों और कर्मचारियों को नई व्यवस्था का अनुभव होगा, निबंधन की प्रक्रिया में तेजी आएगी। निबंधन पदाधिकारी बिनीत कुमार ने बताया कि कार्यालय में निबंधन कार्य सुचारू रूप से चल रहा है। उन्होंने कहा कि पेपरलेस व्यवस्था लागू होने का मतलब रजिस्ट्री बंद होना नहीं है। कार्यालय पूरी तरह खुला है और डिजिटल निबंधन, एनईसी तथा नकल निर्गमन सहित सभी संबंधित कार्य किए जा रहे हैं। नई व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की परेशानी होने पर लोग कार्यालय में आकर जानकारी और सहायता प्राप्त कर सकते हैं। विभाग के संचयी आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में जुलाई तक 36.03 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 31.65 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति हो चुकी थी। यह संचयी लक्ष्य का करीब 87.87 प्रतिशत है। फिलहाल अगस्त के शुरुआती आंकड़े रजिस्ट्री की गति में कमी का संकेत दे रहे हैं, लेकिन पूरा महीना बीतने के बाद ही नई व्यवस्था के वास्तविक प्रभाव की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

0 Response to "पेपरलेस व्यवस्था के शुरुआती दौर में धीमी हुई रजिस्ट्री की रफ्तार, कामकाज लगातार जारी"
Post a Comment