60 घंटे बाद टूटा प्रदीप साव का आमरण अनशन, 8 फीट सड़क निर्माण पर बनी सहमति
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खैरा। जमुई जिले के खैरा प्रखंड की खड़ाईच पंचायत के गरगोर गांव निवासी 60 वर्षीय प्रदीप साव का करीब 60 घंटे से चल रहा आमरण अनशन बुधवार शाम समाप्त हो गया। खैरा थाना परिसर में अंचलाधिकारी आशीष कुमार ने उन्हें जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया। इससे पहले प्रशासनिक टीम ने विवादित स्थल का निरीक्षण कर दोनों पक्षों की मौजूदगी में रास्ते को लेकर लिखित सहमति कराई। प्रदीप साव सोमवार से खैरा अंचल सह प्रखंड कार्यालय के मुख्य गेट के सामने आमरण अनशन पर बैठे थे। उनकी मांग करीब 65 डिसमिल गैरमजरूआ जमीन को कथित अतिक्रमण से मुक्त कराने और वहां सड़क निर्माण कराने की थी। प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने कई बार उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह अपनी मांग पर डटे रहे। बुधवार को अंचलाधिकारी आशीष कुमार के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम संबंधित स्थल पर पहुंची। दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बाद मुख्य सड़क से प्रदीप साव के घर होते हुए पैन तक आठ फीट चौड़ी सड़क बनाने पर सहमति बनी। सहमति पत्र के अनुसार सड़क निर्माण में आने वाली भूमि को लेकर संबंधित रैयत भविष्य में दावा नहीं करेंगे और रास्ते से किसी को आवागमन करने से नहीं रोका जाएगा। सड़क निर्माण दोनों छोर से एक साथ शुरू करने और निर्माण पूरा होने के बाद रास्ते को सार्वजनिक मानने पर भी सहमति बनी। फिलहाल जमीन पर धान की फसल लगी है, इसलिए फसल कटने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। दोनों पक्षों ने सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए। अनशन समाप्त कराने के बाद अंचलाधिकारी आशीष कुमार ने बताया कि मुख्य विवाद रास्ते को लेकर था, जिस पर दोनों पक्षों में सहमति बन गई है। वहीं, एक घर के गैरमजरूआ जमीन पर बने होने की बात सामने आई है, जिसकी स्थल जांच कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इधर, नेता बाबू साहब ने कहा कि “धरना टूटा है, लड़ाई अभी जारी है।” उन्होंने कहा कि 65 डिसमिल गैरमजरूआ जमीन का मामला अभी बाकी है और इस मुद्दे को लेकर आगे भी आवाज उठाई जाएगी। करीब 60 घंटे के आमरण अनशन के बाद रास्ते के विवाद पर सहमति तो बन गई, लेकिन 65 डिसमिल गैरमजरूआ जमीन के मामले में प्रशासन की अगली कार्रवाई पर अब नजर बनी हुई है।

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