गांव-गांव में मिट्टी जांच की सुविधा, किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
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कृषि विभाग द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के तहत जमुई जिले में ग्राम स्तर पर मिट्टी जांच प्रयोगशालाओं की स्थापना की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जिले के सभी 10 प्रखंडों से प्रतिनिधियों का चयन कर लिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, चयनित अभ्यर्थियों में जमुई से आकाश राज, बरहट से कुमारी माही सिंह, सोनो से अर्चना कुमारी, गिद्धौर से अंबर कुमार सिंह, झाझा से रूबी कुमारी, लक्ष्मीपुर से शिवम सिंह, खैरा से काजल कुमारी, अलीगंज से शिवानी कुमारी, सिकंदरा से नयनसी कुमारी तथा चकाई से अमन कुमार सिंह शामिल हैं। इन सभी को अपने-अपने क्षेत्रों में मिट्टी जांच प्रयोगशालाओं के संचालन और किसानों को तकनीकी सहायता देने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इस पहल का उद्देश्य किसानों को उनके गांव या प्रखंड स्तर पर ही मिट्टी की जांच की सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें यह पता चल सके कि उनकी जमीन में किन पोषक तत्वों की कमी है और किस प्रकार के उर्वरकों का उपयोग अधिक लाभकारी होगा। विशेषज्ञों के अनुसार, मिट्टी की सही जांच से फसल उत्पादन में वृद्धि होती है और अनावश्यक उर्वरकों के इस्तेमाल में कमी आती है, जिससे खेती की लागत घटती है। साथ ही, यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सहायक निदेशक (रसायन) डॉ. कृष्णकांत ने बताया कि राज्य सरकार की यह योजना किसानों की आय बढ़ाने और वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लागू की जा रही है। इससे किसानों को स्थानीय स्तर पर ही सटीक जानकारी और सुविधा मिलेगी, जिससे वे बेहतर खेती कर सकेंगे।

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