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चकाई के औद्योगिक भविष्य का हवाई सर्वे करेंगे मुख्यमंत्री, एथेनॉल प्लांट का भी किया निरीक्षण

चकाई के औद्योगिक भविष्य का हवाई सर्वे करेंगे मुख्यमंत्री, एथेनॉल प्लांट का भी किया निरीक्षण



चकाई (जमुई)। कभी नक्सली गतिविधियों के लिए चर्चित रहा जमुई का चकाई क्षेत्र अब औद्योगिक विकास की दिशा में नई पहचान बनाने की तैयारी में है। इसी क्रम में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शनिवार को चकाई पहुंचे। मुख्यमंत्री ने उरवा गांव में निर्माणाधीन एथेनॉल प्लांट का निरीक्षण किया और क्षेत्र में औद्योगिक संभावनाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री के दौरे का अहम हिस्सा चकाई क्षेत्र में प्रस्तावित औद्योगिक विकास के लिए चिह्नित भूमि का हवाई सर्वेक्षण है। प्रशासन के अनुसार, क्षेत्र में उद्योगों की स्थापना के लिए बड़ी मात्रा में भूमि चिह्नित की गई है। मुख्यमंत्री हवाई सर्वेक्षण के माध्यम से जमीन की उपलब्धता, सड़क एवं रेल कनेक्टिविटी तथा भविष्य में औद्योगिक विस्तार की संभावनाओं का जायजा लेंगे। सर्वेक्षण के आधार पर क्षेत्र में औद्योगिक विकास की आगे की योजना तैयार करने में मदद मिलने की उम्मीद है।


8 हजार करोड़ के निवेश से बन रहा एथेनॉल प्लांट

चकाई के उरवा गांव में करीब 107 एकड़ भूमि पर अंकुर बायोकेम प्राइवेट लिमिटेड का एथेनॉल प्लांट निर्माणाधीन है। कंपनी के अनुसार, परियोजना में करीब 8,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। प्लांट का लगभग 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा होने की बात कही गई है और फरवरी 2027 तक उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है। यह अनाज आधारित एथेनॉल प्लांट होगा। इसमें मक्का और चावल से प्रतिदिन करीब 7.5 लाख लीटर एथेनॉल उत्पादन का लक्ष्य बताया गया है। इसके लिए प्रतिदिन लगभग 30 हजार क्विंटल अनाज की आवश्यकता होगी।


पांच हजार लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद

कंपनी के अनुसार, प्लांट के संचालन के बाद करीब पांच हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की उम्मीद है। उद्योग स्थापित होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है। इससे क्षेत्र के युवाओं को अपने आसपास रोजगार मिलने और काम के लिए दूसरे शहरों व राज्यों की ओर पलायन कम होने की उम्मीद जताई जा रही है। एथेनॉल प्लांट के लिए मक्का और चावल की बड़ी मात्रा में आवश्यकता होगी। ऐसे में आसपास के किसानों के लिए स्थानीय स्तर पर कृषि उपज का बाजार विकसित होने की संभावना है। नियमित खरीद होने पर किसानों को अपनी उपज की बिक्री के लिए दूर के बाजारों पर निर्भरता कम हो सकती है।

करीब 9 हजार एकड़ भूमि चिह्नित

जमुई डीएम नवीन ने बताया कि चकाई विधानसभा क्षेत्र में उद्योग की पर्याप्त संभावनाएं हैं। उद्योगों की स्थापना के लिए करीब 9,000 एकड़ भूमि को चिह्नित किया गया है। जिला प्रशासन की ओर से इस संबंध में फरवरी में बिहार सरकार को प्रस्ताव भेजा गया था। डीएम ने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी चकाई क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण करेंगे और निर्माणाधीन एथेनॉल प्लांट का भी निरीक्षण करेंगे। मुख्यमंत्री के साथ बिहार सरकार की उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह के भी मौजूद रहने की बात कही गई है।

सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर प्रशासन अलर्ट

मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर व्यापक तैयारी की गई। डीएम नवीन और एसपी विश्वजीत दयाल ने चकाई में तैयारियों की निगरानी की। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर दो हेलीपैड तैयार किए जाने के साथ सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया। चकाई में प्रस्तावित औद्योगिक गतिविधियों और निर्माणाधीन एथेनॉल प्लांट को क्षेत्र के आर्थिक विकास से जोड़कर देखा जा रहा है। आने वाले समय में उद्योगों की स्थापना और कृषि आधारित गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय स्तर पर रोजगार, कारोबार और बाजार के नए अवसर विकसित होने की संभावना है।

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