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गिद्धौर ने रचा इतिहास एक ही गांव के दो नेता बने बिहार सरकार में मंत्री

गिद्धौर ने रचा इतिहास एक ही गांव के दो नेता बने बिहार सरकार में मंत्री



बिहार मंत्रिमंडल विस्तार में जमुई जिले के गिद्धौर गांव ने एक नया राजनीतिक इतिहास रच दिया है। जदयू के वरिष्ठ नेता दामोदर रावत और भाजपा विधायक श्रेयसी सिंह ने  गुरुवार को राजधानी पटना में मंत्री पद की शपथ ली। खास बात यह है कि दोनों नेता एक ही गांव गिद्धौर के निवासी हैं। राजनीतिक जानकार इसे बिहार की राजनीति का ऐतिहासिक संयोग मान रहे हैं। बताया जा रहा है कि बिहार के राजनीतिक इतिहास में संभवतः यह पहला अवसर है, जब एक ही गांव के दो जनप्रतिनिधि एक साथ राज्य मंत्रिमंडल का हिस्सा बने हैं। कभी राजशाही और सत्ता का केंद्र रहे गिद्धौर ने अब लोकतांत्रिक राजनीति में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा दी है। इस उपलब्धि से गांव और पूरे जमुई जिले में खुशी का माहौल है। दामोदर रावत की मजबूत राजनीतिक पकड़ झाझा विधानसभा क्षेत्र से आने वाले दामोदर रावत लंबे समय से सक्रिय राजनीति में अपनी पहचान बनाए हुए हैं। वर्ष 2000 में पहली बार विधायक बनने के बाद उन्होंने लगातार क्षेत्र में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत की। वर्ष 2015 को छोड़कर वे लगातार चुनाव जीतते रहे हैं। इससे पहले भी वे वर्ष 2007 और 2010 में नीतीश कुमार मंत्रिमंडल में मंत्री रह चुके हैं। हालिया विधानसभा चुनाव में उन्होंने राजद के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जयप्रकाश नारायण यादव को कड़े मुकाबले में पराजित कर अपनी राजनीतिक ताकत का परिचय दिया था। मंत्री पद मिलने से समर्थकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। जमुई विधायक श्रेयसी सिंह दूसरी बार मंत्री पद की जिम्मेदारी संभालेंगी। वर्ष 2020 में पहली बार भाजपा के टिकट पर विधायक चुनी गईं श्रेयसी सिंह ने 2025 के विधानसभा चुनाव में भी बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी। श्रेयसी सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री दिग्विजय सिंह और पूर्व सांसद पुतुल कुमारी की पुत्री हैं। खेल और राजनीति दोनों क्षेत्रों में सक्रिय श्रेयसी सिंह के मंत्री बनने से महिला नेतृत्व को नई मजबूती मिलने की चर्चा है। एक ही गांव के दो नेताओं के मंत्री बनने की खबर के बाद गिद्धौर समेत पूरे जमुई जिले में खुशी और उत्साह का माहौल है। समर्थकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जताई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह गिद्धौर और जमुई के लिए गौरव का क्षण है, जिससे जिले की राजनीतिक पहचान और मजबूत होगी।

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